top of page

ग्रहण दोष ग्रहण दोष शांति सूर्य ग्रहण दोष चंद्र ग्रहण दोष

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण दोष एक महत्वपूर्ण दोष माना गया है। जब जन्म कुंडली में सूर्य या चंद्रमा पर राहु या केतु का प्रभाव पड़ता है, तब ग्रहण दोष बनता है। यह दोष व्यक्ति की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता, करियर और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। समय पर ग्रहण दोष शांति पूजा न कराने पर इसके प्रभाव बढ़ सकते हैं।


ग्रहण दोष ग्रहण दोष शांति सूर्य ग्रहण दोष चंद्र ग्रहण दोष Rahu Ketu Grahan

ग्रहण दोष ग्रहण दोष शांति सूर्य ग्रहण दोष चंद्र ग्रहण दोष Rahu Ketu Grahan

ग्रहण दोष ग्रहण दोष शांति सूर्य ग्रहण दोष चंद्र ग्रहण दोष


ग्रहण दोष क्या है?


जब सूर्य या चंद्रमा राहु या केतु के साथ युति में होते हैं, तब कुंडली में ग्रहण दोष बनता है।जिस प्रकार वास्तविक ग्रहण में सूर्य या चंद्रमा ढक जाता है, उसी प्रकार इस दोष में व्यक्ति की बुद्धि, मन और आत्मबल प्रभावित हो जाता है।

  • सूर्य + राहु / केतु = सूर्य ग्रहण दोष

  • चंद्र + राहु / केतु = चंद्र ग्रहण दोष


ग्रहण दोष के प्रकार


1. सूर्य ग्रहण दोष

यह दोष पिता, मान-सम्मान, सरकारी कार्य, करियर और आत्मविश्वास को प्रभावित करता है।


2. चंद्र ग्रहण दोष

यह दोष मन, मानसिक शांति, माता, भावनाएँ और निर्णय क्षमता पर असर डालता है।

👉 दोष की तीव्रता ग्रहों की स्थिति और भावों पर निर्भर करती है।


ग्रहण दोष के लक्षण और प्रभाव

यदि कुंडली में ग्रहण दोष हो, तो व्यक्ति को निम्न समस्याएँ हो सकती हैं:

  • मानसिक तनाव और डर

  • आत्मविश्वास की कमी

  • बार-बार गलत निर्णय

  • माता या पिता से मतभेद

  • करियर में रुकावट

  • समाज में सम्मान की कमी

  • ध्यान और साधना में बाधा


ग्रहण दोष का आध्यात्मिक कारण

ग्रहण दोष को पूर्व जन्म के अधूरे कर्मों और मानसिक भ्रम का संकेत माना जाता है।राहु-केतु व्यक्ति को भ्रमित करते हैं, जिससे सही दिशा में प्रयास नहीं हो पाता।

इस दोष का समाधान केवल रत्न या दान से नहीं, बल्कि शास्त्रोक्त पूजा और मंत्र साधना से ही प्रभावी होता है।


ग्रहण दोष शांति क्यों आवश्यक है?

ग्रहण दोष शांति पूजा सूर्य, चंद्र और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए की जाती है।

इसके लाभ:

  • मानसिक शांति

  • आत्मविश्वास में वृद्धि

  • नकारात्मक विचारों में कमी

  • करियर और रिश्तों में सुधार

  • आध्यात्मिक उन्नति


ग्रहण दोष शांति पूजा विधि

ग्रहण दोष शांति निम्न शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न होती है:

  • कुंडली अनुसार संकल्प

  • सूर्य या चंद्र मंत्र जप

  • राहु-केतु बीज मंत्र

  • रुद्राभिषेक

  • विशेष हवन

  • दान एवं ब्राह्मण भोजन

📅 अमावस्या व पूर्णिमा विशेष फलदायी मानी जाती है।


ग्रहण दोष शांति के लिए उज्जैन क्यों?

उज्जैन एक प्राचीन ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक और तीर्थ नगरी है। महाकाल क्षेत्र में की गई ग्रहण दोष शांति पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।


❓ FAQ (Wix FAQ Section में डाल सकते हैं)

Q. क्या ग्रहण दोष हमेशा अशुभ होता है?

नहीं, यह सुधार योग्य दोष है। शांति पूजा से इसका प्रभाव कम होता है।

Q. ग्रहण दोष शांति कितनी बार करनी चाहिए?

सामान्यतः एक बार विधिवत पूजा पर्याप्त होती है।

Q. क्या ऑनलाइन ग्रहण दोष शांति संभव है?

हाँ, संकल्प आपके नाम से करके ऑनलाइन पूजा कराई जा सकती है।


सेवा माध्यम: 

ऑनलाइन एवं ऑन-कॉल (पूर्व नियुक्ति द्वारा)


स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश

✔ व्यक्तिगत कुंडली अनुसार पूजा

✔ शास्त्रोक्त विधि

✔ अनुभवी आचार्य द्वारा अनुष्ठान

🙏 मानसिक शांति और जीवन संतुलन हेतु


 
 
 

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating

© 2025 Anadhar. All Rights Reserved.
A Platform for Astrology & Spiritual Guidance

  • Youtube
  • Facebook
  • Instagram
  • Whatsapp
bottom of page